इश्क़ जाविदानी
2122-2122-2122
1. मैं दीवाना हूँ दीवानी चाहता हूँ,
*क़ैस लैला सी कहानी चाहता हूँ। (* क़ैस =मजनूं का एक नाम)
2. जिंदगी में भी, *अजल के बाद भी मैं, (*अजल=मौत)
इश्क़ अपना *जाविदानी चाहता हूँ। ( *जाविदानी=अमर/दिव्य)
3. दिल कहे और दिल की बातें दिल ही सुन ले,
सारी बातें बेजुबानी चाहता हूँ।
4. फ़िर मेरा दिल तोड़कर जाओ किसी दिन,
फ़िर से ज़ख्मों की निशानी चाहता हूँ।
5. अब कोई *दर्या न मेरे पास आये, (*दर्या=नदी)
उम्र भर *तश्ना-दहानी चाहता हूँ।। (*तश्ना-दहानी= प्यासा मुख)
6. क़िस्सा-ए-उल्फ़त शुरू मैंने किया था,
ख़त्म पर तेरी ज़ुबानी चाहता हूँ।
7. ला तेरे ग़म भी मेरे पहलू में रख दे,
तेरी दुन्या *शादमानी चाहता हूँ। (*शादमानी=ख़ुशियों से परिपूर्ण)
8. वो नहीं मेरी *अदावत के भी क़ाबिल, (*अदावत=दुश्मनी)
मैं *अदू भी ख़ानदानी चाहता हूँ।। (*अदू = दुश्मन)
9. खूँ मेरा आये किसी के काम 'राजन',
मैं न मरना *बे-मआनी चाहता हूँ।। (*बे-मआनी = बे-मतलब)
'राजन'
इंदौर (म.प्र.)
7898897777
Diksha Srivastava
01-Mar-2021 11:17 PM
nice
Reply
Rajan tiwari
13-May-2021 12:07 PM
नवाज़िशें आपकी।
Reply
Bushra Maryam
01-Mar-2021 10:56 AM
sir thodi urdu hamko aate hai , lekin apke shayri me jo urdu hote hai vo uppr se he chali jate hai , thank you ke ap hard urdu ke meaning likh dete hai .
Reply
Rajan tiwari
13-May-2021 12:09 PM
बहुत शुक्रिया आपका, इतने गौर से पढ़ने के लिये। मैं कोशिश करता हूँ कि कठिन शब्दों के अर्थ लिख दूँ। आगे भी ध्यान रखूँगा🙏🙏🙏😊😊😊
Reply